Crime & Safety
मंदसौर में बड़ी तबाही की साजिश नाकाम: एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री चालू होने से पहले ही पुलिस का धावा, 3 क्विंटल संदिग्ध केमिकल जब्त
01 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर पुलिस की मुस्तैद टीम ने नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम ने जिले के एक सुनसान इलाके में दबिश दी। यहाँ तस्करों द्वारा एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) बनाने की अवैध फैक्ट्री स्थापित की जा रही थी। पुलिस ने इस पूरी साजिश को फैक्ट्री शुरू होने से ठीक पहले ही नाकाम करते हुए मौके से करीब 3 क्विंटल (300 किलोग्राम) से अधिक प्रतिबंधित रसायन और भारी मात्रा में ड्रग्स बनाने के उपकरण जब्त किए हैं।
छापेमारी की कार्रवाई के दौरान पुलिस को देखते ही मुख्य सरगना और उसके कुछ साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकलने में सफल रहे। पुलिस ने पूरे परिसर को सील कर दिया है और जब्त रासायनिक पदार्थों को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। प्रारंभिक तफ्तीश में इस रैकेट के तार अंतरराज्यीय ड्रग माफिया से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है, जो स्थानीय स्तर पर इस घातक ड्रग्स को तैयार कर देश के बड़े महानगरों में सप्लाई करने की फिराक में थे।
इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें रवाना कर दी हैं। स्थानीय खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है और इस नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों और स्थानीय मददगारों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
छापेमारी की कार्रवाई के दौरान पुलिस को देखते ही मुख्य सरगना और उसके कुछ साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकलने में सफल रहे। पुलिस ने पूरे परिसर को सील कर दिया है और जब्त रासायनिक पदार्थों को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। प्रारंभिक तफ्तीश में इस रैकेट के तार अंतरराज्यीय ड्रग माफिया से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है, जो स्थानीय स्तर पर इस घातक ड्रग्स को तैयार कर देश के बड़े महानगरों में सप्लाई करने की फिराक में थे।
इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें रवाना कर दी हैं। स्थानीय खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है और इस नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों और स्थानीय मददगारों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।