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स्मार्ट मीटर के खिलाफ 'नेताजी' का हल्लाबोल: घर-घर जाकर उतरवाए मीटर, बिजली विभाग में मचा हड़कंप
01 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के गरोठ क्षेत्र में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ फूटा जनता का गुस्सा अब सड़कों पर नजर आने लगा है। स्थानीय जननेता ने भारी समर्थकों के साथ मोर्चा संभालते हुए सीधे उपभोक्ताओं के घरों का रुख किया और एक-एक कर कई घरों से स्मार्ट मीटर उतरवा दिए। इस औचक कार्रवाई से बिजली कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। देखते ही देखते कनिष्ठ यंत्री (JE) कार्यालय में गहमागहमी का माहौल बन गया और बिजली दफ्तर में मानो 'करंट' दौड़ गया।
मिली जानकारी के अनुसार, उपभोक्ताओं की लगातार आ रही भारी-भरकम बिजली बिलों की शिकायतों के बाद 'नेताजी' का पारा चढ़ गया। उन्होंने बिजली विभाग को चेतावनी दी थी कि यदि मीटरों की जांच नहीं की गई तो वे खुद इन्हें निकलवा देंगे। बुधवार को अपने वादे के मुताबिक नेताजी समर्थकों के साथ निकले और विभाग के नियमों को ताक पर रखकर मीटर उतरवाने का काम शुरू कर दिया। इस हंगामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम मुस्तैद दिखी, लेकिन आक्रोशित जनता के सामने बिजली विभाग बेबस नजर आया।
मामले को लेकर विद्युत मंडल के कार्यपालन यंत्री ने कहा है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने स्मार्ट मीटर योजना की पारदर्शिता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, उपभोक्ताओं की लगातार आ रही भारी-भरकम बिजली बिलों की शिकायतों के बाद 'नेताजी' का पारा चढ़ गया। उन्होंने बिजली विभाग को चेतावनी दी थी कि यदि मीटरों की जांच नहीं की गई तो वे खुद इन्हें निकलवा देंगे। बुधवार को अपने वादे के मुताबिक नेताजी समर्थकों के साथ निकले और विभाग के नियमों को ताक पर रखकर मीटर उतरवाने का काम शुरू कर दिया। इस हंगामे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम मुस्तैद दिखी, लेकिन आक्रोशित जनता के सामने बिजली विभाग बेबस नजर आया।
मामले को लेकर विद्युत मंडल के कार्यपालन यंत्री ने कहा है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है और क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने स्मार्ट मीटर योजना की पारदर्शिता पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।