Crime & Safety
दलौदा में गरजा प्रशासन का 'पीला पंजा': रामजानकी मंदिर की बेशकीमती जमीन से हटाया अवैध कब्जा, भारी पुलिस बल रहा तैनात
03 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिले के दलौदा तहसील मुख्यालय पर आज प्रशासनिक अमले और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में रामजानकी मंदिर की करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर प्रशासन का चाबुक चला। तहसीलदार और पुलिस टीम ने दलबल के साथ मौके पर पहुंचकर वर्षों पुराने अवैध निर्माण और अतिक्रमण को ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध और अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस बेशकीमती जमीन पर कुछ रसूखदारों द्वारा लंबे समय से पक्का और कच्चा निर्माण कर अवैध रूप से कब्जा जमाया हुआ था। मंदिर समिति और ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत लंबे समय से की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग ने पहले ही अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर स्वतः कब्जा हटाने की चेतावनी दी थी। मियाद खत्म होने के बाद भी जब कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया।
सुबह होते ही दलौदा में जैसे ही बुलडोजर ने गर्जना शुरू की, अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने मामूली विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर तैनात पुलिस के सख्त रवैये के आगे उनकी एक न चली। प्रशासनिक अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में साफ कर दिया है कि क्षेत्र में किसी भी शासकीय या धार्मिक स्थल की जमीन पर अवैध कब्जे को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस बेशकीमती जमीन पर कुछ रसूखदारों द्वारा लंबे समय से पक्का और कच्चा निर्माण कर अवैध रूप से कब्जा जमाया हुआ था। मंदिर समिति और ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत लंबे समय से की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग ने पहले ही अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर स्वतः कब्जा हटाने की चेतावनी दी थी। मियाद खत्म होने के बाद भी जब कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया।
सुबह होते ही दलौदा में जैसे ही बुलडोजर ने गर्जना शुरू की, अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने मामूली विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर तैनात पुलिस के सख्त रवैये के आगे उनकी एक न चली। प्रशासनिक अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में साफ कर दिया है कि क्षेत्र में किसी भी शासकीय या धार्मिक स्थल की जमीन पर अवैध कब्जे को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आने वाले दिनों में ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी।