Weather & Nature
मंदसौर: सुबह की चाय बनाने रसोई में घुसी महिला, सीढ़ियों पर साक्षात 'काल' बनकर बैठा था विशालकाय मगरमच्छ, वन विभाग ने किया रेस्क्यू
03 August 2026
•
By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के शिवना नदी से सटे खानपुरा क्षेत्र में मंगलवार तड़के उस समय कोहराम मच गया, जब एक घर में अचानक साक्षात 'जलदैत्य' घुस आया। घर की महिला रोजाना की तरह सुबह की चाय बनाने के लिए रसोई की तरफ जा रही थी, तभी सीढ़ियों के नीचे घात लगाए बैठे करीब 6 फीट लंबे विशालकाय मगरमच्छ पर उसकी नजर पड़ी। मगरमच्छ को देखते ही महिला के हलक से चीख निकल गई। शोर सुनकर जागे परिजनों ने जब सीढ़ियों पर डरावना नजारा देखा, तो पूरे परिवार के होश उड़ गए। आनन-फानन में सभी सदस्य जान बचाकर छत की ओर भागे और तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी।
सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्राधिकारी के निर्देशन में रेस्क्यू टीम मुस्तैदी के साथ मौके पर पहुंची। रिहायशी इलाके में मगरमच्छ की खबर फैलते ही तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्हें काबू करने में स्थानीय पुलिस को भी पसीना आ गया। वन विभाग के जांबाज रेस्क्यू दल ने करीब दो घंटे की भारी मशक्कत और सूझबूझ के बाद मगरमच्छ के मुंह और पैरों को काबू में किया। 'जलदैत्य' को सुरक्षित तरीके से रस्सियों से बांधकर पिंजरे में कैद किया गया, तब जाकर कॉलोनी वासियों ने राहत की सांस ली।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शिवना नदी का जलस्तर बढ़ने या भोजन की तलाश में अक्सर मगरमच्छ नदी से बाहर निकलकर आबादी वाले इलाकों का रुख कर लेते हैं। रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ को पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर वापस शिवना नदी के गहरे पानी में सुरक्षित छोड़ दिया गया है। विभाग ने नदी किनारे बसे रहवासियों को रात और अलसुबह के समय विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।
सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्राधिकारी के निर्देशन में रेस्क्यू टीम मुस्तैदी के साथ मौके पर पहुंची। रिहायशी इलाके में मगरमच्छ की खबर फैलते ही तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्हें काबू करने में स्थानीय पुलिस को भी पसीना आ गया। वन विभाग के जांबाज रेस्क्यू दल ने करीब दो घंटे की भारी मशक्कत और सूझबूझ के बाद मगरमच्छ के मुंह और पैरों को काबू में किया। 'जलदैत्य' को सुरक्षित तरीके से रस्सियों से बांधकर पिंजरे में कैद किया गया, तब जाकर कॉलोनी वासियों ने राहत की सांस ली।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शिवना नदी का जलस्तर बढ़ने या भोजन की तलाश में अक्सर मगरमच्छ नदी से बाहर निकलकर आबादी वाले इलाकों का रुख कर लेते हैं। रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ को पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर वापस शिवना नदी के गहरे पानी में सुरक्षित छोड़ दिया गया है। विभाग ने नदी किनारे बसे रहवासियों को रात और अलसुबह के समय विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।