Crime & Safety
'खेत पर पैर रखा तो काट दूंगा...' मंदसौर में पूर्व भाजपा विधायक ने तहसीलदार-पटवारी को दी भद्दी गालियां, वीडियो वायरल होने से हड़कंप
04 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिले के शामगढ़ क्षेत्र में सरकारी जमीन के सीमांकन के दौरान उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक ने ऑन-ड्यूटी तहसीलदार और पटवारी के साथ सरेआम बदसलूकी की। जमीन पैमाइश का विरोध करते हुए पूर्व विधायक ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं और अधिकारियों को भद्दी गालियां देते हुए सीधे तौर पर पैर काट देने की धमकी दे डाली। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल की मौजूदगी में शासकीय भूमि के सीमांकन के लिए मौके पर मुस्तैद थी। इसी दौरान पूर्व विधायक वहां पहुंचे और भड़क गए। उन्होंने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए तहसीलदार और पटवारी को खरी-खोटी सुनाई। वीडियो में वे साफ तौर पर यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि 'अगर दोबारा इस खेत पर कदम रखा तो पैर काट दूंगा।' अधिकारियों ने इस दौरान संयम बरतने की कोशिश की, लेकिन पूर्व विधायक का गुस्सा सातवें आसमान पर था।
इस घटना के बाद राजस्व अधिकारी संघ और पटवारी संघ में गहरा रोष व्याप्त है। पीड़ित शासकीय कर्मचारियों ने इस मामले की लिखित शिकायत पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से की है। स्थानीय थाना पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है और वीडियो की सत्यता की जांच के आधार पर शासकीय कार्य में बाधा डालने व शासकीय सेवकों को धमकाने की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल की मौजूदगी में शासकीय भूमि के सीमांकन के लिए मौके पर मुस्तैद थी। इसी दौरान पूर्व विधायक वहां पहुंचे और भड़क गए। उन्होंने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए तहसीलदार और पटवारी को खरी-खोटी सुनाई। वीडियो में वे साफ तौर पर यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि 'अगर दोबारा इस खेत पर कदम रखा तो पैर काट दूंगा।' अधिकारियों ने इस दौरान संयम बरतने की कोशिश की, लेकिन पूर्व विधायक का गुस्सा सातवें आसमान पर था।
इस घटना के बाद राजस्व अधिकारी संघ और पटवारी संघ में गहरा रोष व्याप्त है। पीड़ित शासकीय कर्मचारियों ने इस मामले की लिखित शिकायत पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से की है। स्थानीय थाना पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी है और वीडियो की सत्यता की जांच के आधार पर शासकीय कार्य में बाधा डालने व शासकीय सेवकों को धमकाने की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।