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आधी रात घर की सीढ़ियों पर चढ़ा आठ फीट का मगरमच्छ, पहली मंजिल पर सो रहे परिवार के उड़े होश; वन विभाग ने किया रेस्क्यू
04 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के नगरीय सीमा से सटे रिहायशी इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक घर की सीढ़ियों पर अचानक आठ फीट लंबा खूंखार मगरमच्छ रेंगता हुआ दिखाई दिया। मकान मालिक जब रात को किसी काम से कमरे से बाहर आए, तो सीढ़ियों पर मगरमच्छ को पहली मंजिल की तरफ चढ़ता देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने आनन-फानन में शोर मचाकर पूरे परिवार को सतर्क किया और खुद को कमरों में बंद कर लिया। शोर सुनकर आस-पास के पड़ोसी भी अपनी छतों पर जमा हो गए।
स्थानीय रहवासियों की सूचना पर तत्काल मंदसौर वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। वन परिक्षेत्राधिकारी के निर्देशन में आई एक्सपर्ट टीम ने टॉर्च की रोशनी में सीढ़ियों पर जमे मगरमच्छ की घेराबंदी शुरू की। सीढ़ियों की संकरी जगह होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मगरमच्छ बार-बार आक्रामक होकर रेस्क्यू टीम पर झपट रहा था, लेकिन वनकर्मियों ने भारी सूझबूझ और जाल व रस्सियों की मदद से करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे काबू में कर लिया।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, शिवना नदी और आसपास के जलाशयों का जलस्तर बढ़ने से जलीय जीव अक्सर रास्ता भटककर रिहायशी इलाकों की तरफ रुख कर लेते हैं। रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ को पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर सुरक्षित प्राकृतिक पर्यावास में छोड़ दिया गया है। विभाग ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर वन्यजीव को नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करें।
स्थानीय रहवासियों की सूचना पर तत्काल मंदसौर वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। वन परिक्षेत्राधिकारी के निर्देशन में आई एक्सपर्ट टीम ने टॉर्च की रोशनी में सीढ़ियों पर जमे मगरमच्छ की घेराबंदी शुरू की। सीढ़ियों की संकरी जगह होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मगरमच्छ बार-बार आक्रामक होकर रेस्क्यू टीम पर झपट रहा था, लेकिन वनकर्मियों ने भारी सूझबूझ और जाल व रस्सियों की मदद से करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे काबू में कर लिया।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, शिवना नदी और आसपास के जलाशयों का जलस्तर बढ़ने से जलीय जीव अक्सर रास्ता भटककर रिहायशी इलाकों की तरफ रुख कर लेते हैं। रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ को पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर सुरक्षित प्राकृतिक पर्यावास में छोड़ दिया गया है। विभाग ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर वन्यजीव को नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करें।