General
आँखों के सामने से गुजर रही खाली स्कूल बस, फिर भी चढ़ने को मोहताज नौनिहाल; प्रबंधन के रवैये से पालकों में आक्रोश
04 August 2026
•
By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिले के सीतामऊ मार्ग के ग्रामीण अंचल में स्कूली बच्चों के साथ बस सुविधा को लेकर भेदभाव का मामला गर्माया हुआ है। रोजाना सुबह बच्चों के घर के सामने से चमचमाती स्कूल बसें धूल उड़ाती हुई निकल जाती हैं, लेकिन ग्रामीणों और पालकों की लाख मिन्नत करने के बावजूद नौनिहालों को इनमें सवार होने की अनुमति नहीं मिल रही है। इस संवेदनहीन रवैये से त्रस्त होकर आखिरकार ग्रामीणों और पालकों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
परेशान पालकों का कहना है कि वे नियमानुसार परिवहन शुल्क का पूरा भुगतान करने को तैयार हैं, फिर भी बस चालक और परिचालक रूट का बहाना बनाकर बच्चों को रास्ते में ही छोड़ देते हैं। इस कारण नन्हे-मुन्ने बच्चों को रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलने या फिर डग्गामार वाहनों में ठंसकर सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर जब ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया, तो शुरुआत में टालमटोल की नीति अपनाई गई।
मामला बढ़ता देख स्कूल के प्राचार्य ने आखिरकार चुप्पी तोड़ी है। 'हेलो मंदसौर' से चर्चा के दौरान उन्होंने माना कि रूट नियोजन में कुछ तकनीकी खामियां हैं। प्राचार्य ने आश्वासन दिया है कि वे परिवहन प्रभारी के साथ बैठक कर जल्द ही इस रूट की समस्या का व्यावहारिक समाधान निकालेंगे ताकि बच्चों को सुरक्षित सफर मिल सके। बहरहाल, जब तक इस समस्या का जमीनी समाधान नहीं होता, तब तक पालकों ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
परेशान पालकों का कहना है कि वे नियमानुसार परिवहन शुल्क का पूरा भुगतान करने को तैयार हैं, फिर भी बस चालक और परिचालक रूट का बहाना बनाकर बच्चों को रास्ते में ही छोड़ देते हैं। इस कारण नन्हे-मुन्ने बच्चों को रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलने या फिर डग्गामार वाहनों में ठंसकर सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर जब ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया, तो शुरुआत में टालमटोल की नीति अपनाई गई।
मामला बढ़ता देख स्कूल के प्राचार्य ने आखिरकार चुप्पी तोड़ी है। 'हेलो मंदसौर' से चर्चा के दौरान उन्होंने माना कि रूट नियोजन में कुछ तकनीकी खामियां हैं। प्राचार्य ने आश्वासन दिया है कि वे परिवहन प्रभारी के साथ बैठक कर जल्द ही इस रूट की समस्या का व्यावहारिक समाधान निकालेंगे ताकि बच्चों को सुरक्षित सफर मिल सके। बहरहाल, जब तक इस समस्या का जमीनी समाधान नहीं होता, तब तक पालकों ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।