Weather & Nature
मंदसौर में अब तक 15.48 इंच बरसे बदरा, पिछले साल के मुकाबले 5 इंच की कमी; अगले चार दिन बौछारों के आसार
04 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिले में इस साल इंद्रदेव की बेरुखी साफ नजर आ रही है। भू-अभिलेख विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, चालू मानसून सीजन में अब तक जिले में कुल 15.48 इंच औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि में हुई बारिश से करीब 5 इंच कम है। पिछले वर्ष इस समय तक जिले में करीब 20 इंच से अधिक पानी बरस चुका था, जिसके चलते शिवना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था।
मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में मजबूत सिस्टम सक्रिय न होने के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश के इस बेल्ट में बारिश की रफ्तार थमी हुई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि आगामी चार दिनों तक आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और जिले के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुककर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है। इससे उमस और तीखी धूप से परेशान मालवांचल के लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
इधर, कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था मुस्तैद रखें। भले ही बारिश का आंकड़ा पिछले साल से कम हो, लेकिन वर्तमान में सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह रुक-रुककर होने वाली अमृत वर्षा बेहद फायदेमंद साबित हो रही है। ग्रामीण इलाकों में कुएं और बावड़ी रिचार्ज होने के लिए अभी एक अच्छी और भारी झड़ी की दरकार बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में मजबूत सिस्टम सक्रिय न होने के कारण पश्चिमी मध्य प्रदेश के इस बेल्ट में बारिश की रफ्तार थमी हुई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि आगामी चार दिनों तक आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और जिले के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुककर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है। इससे उमस और तीखी धूप से परेशान मालवांचल के लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
इधर, कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था मुस्तैद रखें। भले ही बारिश का आंकड़ा पिछले साल से कम हो, लेकिन वर्तमान में सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह रुक-रुककर होने वाली अमृत वर्षा बेहद फायदेमंद साबित हो रही है। ग्रामीण इलाकों में कुएं और बावड़ी रिचार्ज होने के लिए अभी एक अच्छी और भारी झड़ी की दरकार बनी हुई है।