Weather & Nature
मंदसौर में मानसून पर लगा 'ब्रेक', औसत से कम बारिश ने बढ़ाई चिंता; 9 अगस्त से दोबारा सक्रिय होने की उम्मीद
05 August 2026
•
By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिले में झमाझम बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को फिलहाल उमस और गर्मी से जूझना पड़ रहा है। बीते तीन दिनों से मानसून की रफ्तार पूरी तरह थम गई है। भू-अभिलेख विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक कुल 15.48 इंच औसत बारिश दर्ज की गई है। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 4 इंच कम है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, सोयाबीन की फसलों को इस वक्त नियमित पानी की जरूरत है, लेकिन तेज धूप के कारण खेतों में नमी कम हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नम हवाओं का असर कमजोर पड़ा है, जिससे स्थानीय स्तर पर केवल आंशिक बादल ही छा रहे हैं और उमस का ग्राफ बढ़ गया है।
हालांकि, मौसम विभाग ने राहत की खबर देते हुए बताया है कि 9 अगस्त से क्षेत्र में एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने की पूरी संभावना है। इसके बाद मंदसौर सहित पूरे मालवा-निमाड़ अंचल में एक बार फिर मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। फिलहाल प्रशासन और कृषि विभाग की टीमें ग्रामीण इलाकों में फसलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, सोयाबीन की फसलों को इस वक्त नियमित पानी की जरूरत है, लेकिन तेज धूप के कारण खेतों में नमी कम हो रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नम हवाओं का असर कमजोर पड़ा है, जिससे स्थानीय स्तर पर केवल आंशिक बादल ही छा रहे हैं और उमस का ग्राफ बढ़ गया है।
हालांकि, मौसम विभाग ने राहत की खबर देते हुए बताया है कि 9 अगस्त से क्षेत्र में एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने की पूरी संभावना है। इसके बाद मंदसौर सहित पूरे मालवा-निमाड़ अंचल में एक बार फिर मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। फिलहाल प्रशासन और कृषि विभाग की टीमें ग्रामीण इलाकों में फसलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।