Crime & Safety
मंदसौर में पूर्व भाजपा विधायक की दबंगई: तहसीलदार और पटवारी को सरेआम दी गाली, पैर काटने की धमकी का वीडियो वायरल
05 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिले के शामगढ़ क्षेत्र में शासकीय कार्य में बाधा डालने और प्रशासनिक अधिकारियों को सरेआम धमकाने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक विवादित जमीन के सीमांकन के दौरान पूर्व भाजपा विधायक ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं। मौके पर पहुंचे तहसीलदार और पटवारी पर अपना आपा खोते हुए उन्होंने न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि साफ तौर पर चेतावनी दी कि अगर वे दोबारा उनके खेत पर आए तो उनके पैर काट दिए जाएंगे। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग की टीम कोर्ट के आदेश पर जमीन की पैमाइश और सीमांकन करने पहुंची थी। इसी दौरान पूर्व विधायक समर्थकों के साथ वहां धमक पड़े और सरकारी कार्रवाई का विरोध करने लगे। तीखी नोकझोंक के बीच पूर्व विधायक इस कदर उखड़ गए कि उन्होंने ऑन-ड्यूटी अधिकारियों को शासकीय मर्यादा भूलकर खरी-खोटी सुनाई। वीडियो में वे प्रशासनिक अमले को खुलेआम धमकाते हुए कानून को ठेंगे पर रखते नजर आ रहे हैं।
इस घटना के बाद से स्थानीय राजस्व अधिकारियों और पटवारी संघ में भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित अधिकारियों ने मामले की लिखित शिकायत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई है। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर मामले की तफ्तीश में जुटी है। कानून विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और सरकारी सेवकों को धमकाने के आरोप में कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग की टीम कोर्ट के आदेश पर जमीन की पैमाइश और सीमांकन करने पहुंची थी। इसी दौरान पूर्व विधायक समर्थकों के साथ वहां धमक पड़े और सरकारी कार्रवाई का विरोध करने लगे। तीखी नोकझोंक के बीच पूर्व विधायक इस कदर उखड़ गए कि उन्होंने ऑन-ड्यूटी अधिकारियों को शासकीय मर्यादा भूलकर खरी-खोटी सुनाई। वीडियो में वे प्रशासनिक अमले को खुलेआम धमकाते हुए कानून को ठेंगे पर रखते नजर आ रहे हैं।
इस घटना के बाद से स्थानीय राजस्व अधिकारियों और पटवारी संघ में भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित अधिकारियों ने मामले की लिखित शिकायत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय पुलिस थाने में दर्ज कराई है। पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर मामले की तफ्तीश में जुटी है। कानून विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और सरकारी सेवकों को धमकाने के आरोप में कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।