Crime & Safety
स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा: स्वीकृत थे सिर्फ 66 पद, CMHO ने 318 लोगों को बांट दीं नौकरियां; वेतन अटकने पर खुली पोल
06 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे में प्रशासनिक मिलीभगत और भ्रष्टाचार का एक बड़ा कारनामा उजागर हुआ है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय द्वारा शासन की गाइडलाइंस को ठेंगा दिखाते हुए स्वीकृत पदों से कई गुना अधिक अवैध नियुक्तियां कर दी गईं। मिली जानकारी के अनुसार, विभाग में केवल 66 पदों पर भर्ती की मंजूरी दी गई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने सांठगांठ कर चुपके से 318 लोगों को नौकरी पर रख लिया। इस महाघोटाले की भनक तब तक किसी को नहीं लगी, जब तक कि इन कर्मचारियों के वेतन भुगतान की फाइलें उच्च स्तर पर नहीं अटकीं।
मामला तब तूल पकड़ गया जब शासकीय खजाने से भारी-भरकम राशि के आहरण पर वरिष्ठ अधिकारियों ने रोक लगा दी। बजट की कमी के चलते जब कर्मचारियों का वेतन रुका, तो उन्होंने कार्यालय के चक्कर काटने शुरू किए। इसके बाद स्वास्थ्य संचनालय हरकत में आया और जांच बैठाई गई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि नियुक्ति पत्रों में जमकर हेरफेर की गई थी और बिना किसी वित्तीय स्वीकृति के ही पिछले दरवाजे से अपात्रों को मलाईदार पदों पर बिठा दिया गया।
इस उजागर हुए फर्जीवाड़े के बाद अब भोपाल मुख्यालय की विशेष टीम पूरे मामले की गहराई से तफ्तीश में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक, दोषी अधिकारियों और बाबूओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और जल्द ही इस घोटाले में संलिप्त कई बड़े चेहरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
मामला तब तूल पकड़ गया जब शासकीय खजाने से भारी-भरकम राशि के आहरण पर वरिष्ठ अधिकारियों ने रोक लगा दी। बजट की कमी के चलते जब कर्मचारियों का वेतन रुका, तो उन्होंने कार्यालय के चक्कर काटने शुरू किए। इसके बाद स्वास्थ्य संचनालय हरकत में आया और जांच बैठाई गई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि नियुक्ति पत्रों में जमकर हेरफेर की गई थी और बिना किसी वित्तीय स्वीकृति के ही पिछले दरवाजे से अपात्रों को मलाईदार पदों पर बिठा दिया गया।
इस उजागर हुए फर्जीवाड़े के बाद अब भोपाल मुख्यालय की विशेष टीम पूरे मामले की गहराई से तफ्तीश में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक, दोषी अधिकारियों और बाबूओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और जल्द ही इस घोटाले में संलिप्त कई बड़े चेहरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।