Accidents
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर काल बनी रफ्तार: मंदसौर में ट्रक में घुसी कार, महाराष्ट्र के 4 लोगों की दर्दनाक मौत
17 July 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के सीतामऊ थाना क्षेत्र अंतर्गत दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बीती रात रफ्तार का कहर देखने को मिला। यहाँ एक अनियंत्रित तेज रफ्तार कार आगे चल रहे भारी ट्राले में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी वीभत्स थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर होकर लोहे का मलबा बन गया। हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया और कार में सवार चारों यात्रियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही सीतामऊ थाना पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से शवों को बाहर निकाला।
पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, कार सवार सभी मृतक महाराष्ट्र के रहने वाले थे जो एक्सप्रेस-वे के रास्ते अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार की गति अत्यंत तेज थी, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया है और उनके पास मिले दस्तावेजों के आधार पर परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसे मुस्तैद पुलिस बल ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को किनारे करवाकर सुचारू किया। सीतामऊ पुलिस मर्ग कायम कर दुर्घटना के असली कारणों की तफ्तीश में जुट गई है। एक्सप्रेस-वे पर लगातार हो रहे इन हादसों ने एक बार फिर तेज रफ्तार पर नियंत्रण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, कार सवार सभी मृतक महाराष्ट्र के रहने वाले थे जो एक्सप्रेस-वे के रास्ते अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार की गति अत्यंत तेज थी, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया है और उनके पास मिले दस्तावेजों के आधार पर परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
इस दर्दनाक हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसे मुस्तैद पुलिस बल ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को किनारे करवाकर सुचारू किया। सीतामऊ पुलिस मर्ग कायम कर दुर्घटना के असली कारणों की तफ्तीश में जुट गई है। एक्सप्रेस-वे पर लगातार हो रहे इन हादसों ने एक बार फिर तेज रफ्तार पर नियंत्रण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।