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भोपाल-उदयपुर एक्सप्रेसवे: 6 घंटे में तय होगा सफर, एमपी और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी को लगेंगे पंख
23 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच संपर्क को मजबूत करने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। इस नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद भोपाल से झीलों की नगरी उदयपुर की दूरी महज 6 घंटे में तय की जा सकेगी। वर्तमान में इस सफर में वाहन चालकों को लगभग 11 से 12 घंटे की मशक्कत करनी पड़ती है, लेकिन नया कॉरिडोर इस समय को आधा कर देगा।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह नया एक्सप्रेसवे भोपाल से शुरू होकर सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और मंदसौर-नीमच के सीमावर्ती क्षेत्रों से गुजरते हुए राजस्थान के प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ के रास्ते उदयपुर से जुड़ेगा। इस रूट के तैयार होने से मालवांचल के कृषि उत्पादकों और व्यापारियों को राजस्थान की मंडियों तक सीधे पहुंचने में बड़ी सहूलियत होगी। विशेषकर लहसुन और अन्य फसलों के त्वरित परिवहन के लिए यह मार्ग बेहद मुफीद साबित होगा।
परियोजना के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की कवायद तेज हो चुकी है और जमीन अधिग्रहण के शुरुआती सर्वे की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि इस हाईवे को आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुसार डिजाइन किया जाएगा, जिससे सफर सुरक्षित और तेज होगा। इस बड़ी सौगात से दोनों राज्यों की सीमा पर स्थित जिलों में औद्योगिक विकास और पर्यटन को जबरदस्त रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह नया एक्सप्रेसवे भोपाल से शुरू होकर सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और मंदसौर-नीमच के सीमावर्ती क्षेत्रों से गुजरते हुए राजस्थान के प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ के रास्ते उदयपुर से जुड़ेगा। इस रूट के तैयार होने से मालवांचल के कृषि उत्पादकों और व्यापारियों को राजस्थान की मंडियों तक सीधे पहुंचने में बड़ी सहूलियत होगी। विशेषकर लहसुन और अन्य फसलों के त्वरित परिवहन के लिए यह मार्ग बेहद मुफीद साबित होगा।
परियोजना के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की कवायद तेज हो चुकी है और जमीन अधिग्रहण के शुरुआती सर्वे की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि इस हाईवे को आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुसार डिजाइन किया जाएगा, जिससे सफर सुरक्षित और तेज होगा। इस बड़ी सौगात से दोनों राज्यों की सीमा पर स्थित जिलों में औद्योगिक विकास और पर्यटन को जबरदस्त रफ्तार मिलने की उम्मीद है।