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मौसम की दोहरी मार: मंदसौर जिला अस्पताल में मरीजों का सैलाब, रोजाना पहुंच रहे हजार से अधिक बीमार
29 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों पैर रखने की भी जगह नहीं मिल रही है। मौसम के बदलते मिजाज के कारण अस्पताल में रोजाना करीब 1000 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल परिसर में सुबह से ही पर्ची काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कमरों के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। सबसे ज्यादा मरीज सर्दी-खांसी, तेज बुखार, उल्टी-दस्त और गले के इंफेक्शन से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाएं पूरी तरह से हांफने लगी हैं।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। शिशु रोग विभाग और सामान्य ओपीडी के बाहर पैर रखने की जगह नहीं है। सिविल सर्जन के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम मुस्तैदी से स्थिति को संभालने में जुटी है, लेकिन मरीजों की भारी तादाद के आगे दवा वितरण केंद्रों और जांच लैब पर भारी दबाव बढ़ गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस बदलते मौसम में उबला हुआ पानी पीएं और बासी व ठंडे भोजन से पूरी तरह परहेज करें। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बीमारी के लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने (सेल्फ मेडिकेशन) की लापरवाही न बरतें, बल्कि तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर योग्य डॉक्टर से ही जांच करवाएं।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। शिशु रोग विभाग और सामान्य ओपीडी के बाहर पैर रखने की जगह नहीं है। सिविल सर्जन के निर्देश पर डॉक्टरों की टीम मुस्तैदी से स्थिति को संभालने में जुटी है, लेकिन मरीजों की भारी तादाद के आगे दवा वितरण केंद्रों और जांच लैब पर भारी दबाव बढ़ गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस बदलते मौसम में उबला हुआ पानी पीएं और बासी व ठंडे भोजन से पूरी तरह परहेज करें। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बीमारी के लक्षण दिखने पर खुद से दवा लेने (सेल्फ मेडिकेशन) की लापरवाही न बरतें, बल्कि तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर योग्य डॉक्टर से ही जांच करवाएं।