Accidents
मौत का सफर: मालवा की सड़कों पर आवारा गोवंश का डेरा, अंधेरा होते ही वाहन चालकों के लिए काल बन रहे हाईवे
30 August 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर-नीमच फोरलेन सहित मालवा अंचल के तमाम संपर्क मार्गों पर इन दिनों आवारा गोवंश का कब्जा है। बारिश और उमस के इस मौसम में कीचड़ और मच्छरों से बचने के लिए मवेशी रात के वक्त डामर की सूखी सड़कों पर डेरा डाल लेते हैं। ब्लैक स्पॉट बन चुके इन रास्तों पर रात के घने अंधेरे में वाहन चालकों को सड़क पर बैठे ये मवेशी दिखाई नहीं देते, जिसके चलते तेज रफ्तार वाहन सीधे इनसे टकरा रहे हैं और हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।
बीते एक सप्ताह में ही मंदसौर, पिपलियामंडी और दलोदा के बीच आधा दर्जन से अधिक छोटे-बड़े हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं तो कई बेजुबान गोवंश भी अकाल मौत का शिकार बने हैं। स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की सुस्ती का आलम यह है कि आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं या कांजी हाउस भेजने के दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। हाईवे पेट्रोलिंग टीम भी इस गंभीर समस्या से मुंह मोड़े बैठी है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन बेसहारा मवेशियों के पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की और इनके गले में रेडियम बेल्ट लगाने जैसे तात्कालिक कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में ये चमचमाती सड़कें और अधिक रक्तरंजित हो जाएंगी। 'हेलो मंदसौर' प्रशासन से मांग करता है कि इस गंभीर खतरे को भांपते हुए तुरंत मैदानी कार्रवाई शुरू की जाए ताकि किसी और की जान न जाए।
बीते एक सप्ताह में ही मंदसौर, पिपलियामंडी और दलोदा के बीच आधा दर्जन से अधिक छोटे-बड़े हादसे सामने आ चुके हैं, जिनमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं तो कई बेजुबान गोवंश भी अकाल मौत का शिकार बने हैं। स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की सुस्ती का आलम यह है कि आवारा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं या कांजी हाउस भेजने के दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। हाईवे पेट्रोलिंग टीम भी इस गंभीर समस्या से मुंह मोड़े बैठी है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इन बेसहारा मवेशियों के पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की और इनके गले में रेडियम बेल्ट लगाने जैसे तात्कालिक कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में ये चमचमाती सड़कें और अधिक रक्तरंजित हो जाएंगी। 'हेलो मंदसौर' प्रशासन से मांग करता है कि इस गंभीर खतरे को भांपते हुए तुरंत मैदानी कार्रवाई शुरू की जाए ताकि किसी और की जान न जाए।