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आस्था की अनूठी मिसाल: बाबा पशुपतिनाथ के लिए मायका भूलीं अर्पणा, 19 साल से बांध रहीं 12 फीट की राखी
02 September 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर के सुप्रसिद्ध अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में इस बार भी रक्षाबंधन पर्व पर आस्था का एक अनूठा रंग देखने को मिलेगा। शहर की हृदय स्थली में स्थित इस ऐतिहासिक शिवालय में अर्पणा शर्मा पिछले 19 वर्षों से लगातार बाबा पशुपतिनाथ को अपने हाथों से तैयार की गई 12 फीट लंबी राखी अर्पित कर रही हैं। भगवान को ही अपना भाई मान चुकीं अर्पणा इस पावन पर्व पर जयपुर स्थित अपने मायके भी नहीं जाती हैं, बल्कि बाबा की सेवा और भक्ति में ही लीन रहती हैं।
इस अनूठी परंपरा के बारे में बताते हुए अर्पणा कहती हैं कि बाबा पशुपतिनाथ के प्रति उनका अनुराग अटूट है। वे कई दिनों पहले से ही इस विशेष 12 फीट की राखी को तैयार करने में जुट जाती हैं। रेशमी धागों, चमकीले मोतियों और कलात्मक गोटों से सजी इस भव्य राखी को देखने के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। मंदिर के मुख्य पुजारी भी अर्पणा की इस अनवरत साधना और अगाध श्रद्धा की सराहना करते नहीं थकते।
स्थानीय लोगों के लिए अर्पणा की यह भक्ति अब मंदसौर की पहचान और रक्षाबंधन की एक अटूट परंपरा बन चुकी है। सावन की रिमझिम फुहारों के बीच जब पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह में यह विशाल राखी बाबा के स्वरूप पर सुशोभित होती है, तो पूरा मंदिर परिसर 'हर हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान हो उठता है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु भी महिला की इस अनूठी शिव-भक्ति को देखकर नतमस्तक हो जाते हैं।
इस अनूठी परंपरा के बारे में बताते हुए अर्पणा कहती हैं कि बाबा पशुपतिनाथ के प्रति उनका अनुराग अटूट है। वे कई दिनों पहले से ही इस विशेष 12 फीट की राखी को तैयार करने में जुट जाती हैं। रेशमी धागों, चमकीले मोतियों और कलात्मक गोटों से सजी इस भव्य राखी को देखने के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। मंदिर के मुख्य पुजारी भी अर्पणा की इस अनवरत साधना और अगाध श्रद्धा की सराहना करते नहीं थकते।
स्थानीय लोगों के लिए अर्पणा की यह भक्ति अब मंदसौर की पहचान और रक्षाबंधन की एक अटूट परंपरा बन चुकी है। सावन की रिमझिम फुहारों के बीच जब पशुपतिनाथ मंदिर के गर्भगृह में यह विशाल राखी बाबा के स्वरूप पर सुशोभित होती है, तो पूरा मंदिर परिसर 'हर हर महादेव' के जयघोष से गुंजायमान हो उठता है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु भी महिला की इस अनूठी शिव-भक्ति को देखकर नतमस्तक हो जाते हैं।