Crime & Safety
कलेजा कंपा देने वाली वारदात: चार मासूमों को कुएं में धकेलकर मारने वाली कलयुगी मां को कोर्ट ने सुनाई चार बार उम्रकैद
02 September 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
रतलाम जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश ने चार मासूम बच्चों की कुएं में धकेलकर निर्मम हत्या करने वाली कलयुगी मां मीराबाई को चार बार आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने आरोपी महिला पर जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता ने इसे अत्यंत क्रूर और मानवता को शर्मसार करने वाला कृत्य बताते हुए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
दिल दहला देने वाले इस घटनाक्रम के अनुसार, वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले आरोपी महिला ने अपने भाई को फोन कर कहा था कि 'हम सब मरने जा रहे हैं।' इसके तुरंत बाद उसने अपने ही चार मासूम बच्चों को एक-एक कर कुएं में बेरहमी से धकेल दिया और फिर खुद भी छलांग लगा दी। हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया। पुलिस और ग्रामीणों की मुस्तैदी से महिला को तो जिंदा बाहर निकाल लिया गया, लेकिन चारों मासूम पानी में डूबने के कारण जिंदगी की जंग हार गए।
स्थानीय पुलिस ने मामले की तफ्तीश में जुटकर वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए टिप्पणी की कि जिस मां पर बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही उनकी काल बन गई। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में कोर्ट की इस सख्त सजा की चर्चा हो रही है और लोग इसे पीड़ित मासूमों के लिए सच्चा न्याय मान रहे हैं।
दिल दहला देने वाले इस घटनाक्रम के अनुसार, वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले आरोपी महिला ने अपने भाई को फोन कर कहा था कि 'हम सब मरने जा रहे हैं।' इसके तुरंत बाद उसने अपने ही चार मासूम बच्चों को एक-एक कर कुएं में बेरहमी से धकेल दिया और फिर खुद भी छलांग लगा दी। हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया। पुलिस और ग्रामीणों की मुस्तैदी से महिला को तो जिंदा बाहर निकाल लिया गया, लेकिन चारों मासूम पानी में डूबने के कारण जिंदगी की जंग हार गए।
स्थानीय पुलिस ने मामले की तफ्तीश में जुटकर वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए टिप्पणी की कि जिस मां पर बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही उनकी काल बन गई। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में कोर्ट की इस सख्त सजा की चर्चा हो रही है और लोग इसे पीड़ित मासूमों के लिए सच्चा न्याय मान रहे हैं।