Weather & Nature
मंदसौर-रतलाम में अल नीनो की मार: थम गया सहायक नदियों का बहाव, सूखने की कगार पर गांधी सागर बांध
19 July 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर। मालवा अंचल के मंदसौर और रतलाम जिलों में इस साल मौसम के बदले मिजाज और अल नीनो (El Nino) के कड़े प्रभाव ने जल संकट की बड़ी आहट दे दी है। एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झीलों में शुमार गांधी सागर बांध में पानी की आवक ठप होने से जलस्तर तेजी से घट रहा है। बांध को भरने वाली प्रमुख सहायक नदियों का बहाव पूरी तरह थम चुका है, जिससे जल संसाधन विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं।
स्थानीय मौसम विशेषज्ञों और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कमजोर मानसून और अल नीनो इफेक्ट के कारण इस क्षेत्र की छोटी और सहायक नदियां समय से पहले ही दम तोड़ चुकी हैं। आमतौर पर इस मौसम में उफान पर रहने वाली नदियां अब सूखी पगडंडियों में तब्दील हो गई हैं। गांधी सागर बांध का जलस्तर अपने सामान्य स्तर से कई फीट नीचे चला गया है, जिससे आने वाले दिनों में न केवल सिंचाई बल्कि पेयजल आपूर्ति पर भी बड़ा संकट मंडरा सकता है।
प्रशासन अब बांध के उपलब्ध जल के विवेकपूर्ण उपयोग की रणनीति तैयार कर रहा है। जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंदसौर और रतलाम के किसानों से पानी की बचत करने और सिंचाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर ध्यान देने की अपील की है। यदि आने वाले दिनों में क्षेत्र में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो बिजली उत्पादन और जलापूर्ति को लेकर स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।
स्थानीय मौसम विशेषज्ञों और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कमजोर मानसून और अल नीनो इफेक्ट के कारण इस क्षेत्र की छोटी और सहायक नदियां समय से पहले ही दम तोड़ चुकी हैं। आमतौर पर इस मौसम में उफान पर रहने वाली नदियां अब सूखी पगडंडियों में तब्दील हो गई हैं। गांधी सागर बांध का जलस्तर अपने सामान्य स्तर से कई फीट नीचे चला गया है, जिससे आने वाले दिनों में न केवल सिंचाई बल्कि पेयजल आपूर्ति पर भी बड़ा संकट मंडरा सकता है।
प्रशासन अब बांध के उपलब्ध जल के विवेकपूर्ण उपयोग की रणनीति तैयार कर रहा है। जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंदसौर और रतलाम के किसानों से पानी की बचत करने और सिंचाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर ध्यान देने की अपील की है। यदि आने वाले दिनों में क्षेत्र में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो बिजली उत्पादन और जलापूर्ति को लेकर स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है।