Weather & Nature
मंदसौर में मानसून की बेरुखी: उमस के सितम से बेहाल हुए लोग, 17 जुलाई से फिर बरसेंगे बदरा
19 July 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर जिला मुख्यालय सहित अंचल भर में पिछले कुछ दिनों से मानसून की बेरुखी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बादलों की लुकाछिपी के बीच तीखी धूप और हवा की थमी रफ्तार ने हवा में नमी का स्तर बढ़ा दिया है, जिससे लोग दिनभर पसीने से तरबतर हो रहे हैं। घरों और दफ्तरों में कूलर और पंखे भी इस भारी उमस के आगे बेअसर साबित हो रहे हैं, जिससे लोग गर्मी और बेचैनी से बेहाल हैं।
स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, वर्तमान में कोई भी मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय न होने के कारण मानसून की रफ्तार मंद पड़ गई है। खेतों में बोनी कर चुके किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं, क्योंकि इस वक्त फसलों को पानी की सख्त जरूरत है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले दो-तीन दिनों में जोरदार बारिश नहीं हुई, तो खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
हालांकि, मौसम विभाग ने राहत की खबर देते हुए बताया है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 17 जुलाई के बाद मंदसौर सहित समूचे मालवांचल में एक बार फिर मानसून रफ्तार पकड़ेगा और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से निजात मिलेगी।
स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, वर्तमान में कोई भी मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय न होने के कारण मानसून की रफ्तार मंद पड़ गई है। खेतों में बोनी कर चुके किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं, क्योंकि इस वक्त फसलों को पानी की सख्त जरूरत है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले दो-तीन दिनों में जोरदार बारिश नहीं हुई, तो खेतों में खड़ी सोयाबीन की फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
हालांकि, मौसम विभाग ने राहत की खबर देते हुए बताया है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 17 जुलाई के बाद मंदसौर सहित समूचे मालवांचल में एक बार फिर मानसून रफ्तार पकड़ेगा और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू होने के आसार हैं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से निजात मिलेगी।