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बदहाली पर फूटा गुस्सा: खाने और पानी की किल्लत को लेकर सड़क पर उतरे नवोदय के छात्र, कलेक्टर ने बैठाई जांच
04 September 2026
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By HelloMandsaur Auto-Editor
मंदसौर-सीतामऊ मार्ग पर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने आज सुबह विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बीच सड़क पर धरना दे दिया। पीने के साफ पानी की अनुपलब्धता, मेस में परोसे जा रहे घटिया स्तर के भोजन और शिक्षकों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये से आक्रोशित छात्र सुबह-सुबह सड़क पर बैठ गए, जिससे मार्ग पर वाहनों का चक्काजाम हो गया। छात्रों के इस औचक आंदोलन से प्रशासनिक अमले और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मामले की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर दिलीप कुमार यादव और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा। कलेक्टर ने मौके पर ही छात्रों की शिकायतें सुनीं और मेस का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता परखी। छात्रों ने रो-रोकर अपनी व्यथा सुनाई कि उन्हें कई दिनों से दूषित पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है और भोजन में कीड़े तक निकल रहे हैं। शिकायतों को बेहद गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने विद्यालय प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई और मेस ठेकेदार के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के आश्वासन के बाद छात्रों ने करीब तीन घंटे बाद अपना धरना समाप्त किया। कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन कर दो दिनों के भीतर रिपोर्ट तलब की है। जिला प्रशासन की इस मुस्तैदी के बाद फिलहाल स्कूल परिसर में शांति है, लेकिन नवोदय विद्यालय प्रशासन की इस बड़ी लापरवाही को लेकर अभिभावकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मामले की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर दिलीप कुमार यादव और प्रशासनिक अमला तुरंत मौके पर पहुंचा। कलेक्टर ने मौके पर ही छात्रों की शिकायतें सुनीं और मेस का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता परखी। छात्रों ने रो-रोकर अपनी व्यथा सुनाई कि उन्हें कई दिनों से दूषित पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है और भोजन में कीड़े तक निकल रहे हैं। शिकायतों को बेहद गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने विद्यालय प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई और मेस ठेकेदार के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के आश्वासन के बाद छात्रों ने करीब तीन घंटे बाद अपना धरना समाप्त किया। कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन कर दो दिनों के भीतर रिपोर्ट तलब की है। जिला प्रशासन की इस मुस्तैदी के बाद फिलहाल स्कूल परिसर में शांति है, लेकिन नवोदय विद्यालय प्रशासन की इस बड़ी लापरवाही को लेकर अभिभावकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।