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नालछा माता मंदिर में एक ही गादी पर विराजे भेरू-मां भवानी, त्रेतायुग से जुड़ा है इतिहास
11 October 2026
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रिपोर्टर: Hello Mandsaur Editorial Desk
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नालछा स्थित ऐतिहासिक मंदिर में भेरूजी और मां भवानी एक ही गादी पर विराजित हैं, जहां राजा दशरथ द्वारा स्थापना की मान्यता के चलते श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
धार-मंदसौर क्षेत्र के समीपस्थ नालछा में स्थित प्राचीन माता मंदिर आस्था और अनूठी परंपरा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां भगवान भेरूनाथ और मां भवानी एक ही गादी यानी एक ही आसन पर विराजमान हैं। स्थानीय निवासियों और पंडितों के अनुसार, इस सिद्ध पीठ की स्थापना त्रेतायुग में राजा दशरथ द्वारा की गई थी। मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम लगातार जारी रहता है।
जनश्रुति है कि इस ऐतिहासिक दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। विशेष पर्वों और नवरात्रि के दौरान माता के दिनभर में अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन होते हैं। क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समेटे यह मंदिर न केवल स्थानीय लोगों के लिए अगाध श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि अपनी अनोखी परंपरा के कारण दूर-दूर से आने वाले भक्तों को भी आकर्षित करता है।
जनश्रुति है कि इस ऐतिहासिक दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। विशेष पर्वों और नवरात्रि के दौरान माता के दिनभर में अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन होते हैं। क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समेटे यह मंदिर न केवल स्थानीय लोगों के लिए अगाध श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि अपनी अनोखी परंपरा के कारण दूर-दूर से आने वाले भक्तों को भी आकर्षित करता है।
स्त्रोत एवं प्रामाणिकता विवरण (Source Transparency)
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मूल स्त्रोत का नाम:
Dainik Bhaskar
प्रकाशन तिथि:
11 Oct 2026, 04:05 PM
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